Motivations

शादी एक दर्द या हमदर्द

Shadi kya sach me ek bojh hai??
शादी के पहले चंद्रमुखी
शादी के बाद सूरजमुखी
शादी के पांच साल बाद ज्वालामुखी
शादी के पंद्रह साल बाद तू दुखी मै दुखी

उपरोकत्त चुटकुला बचपन से सुनता आया और शायद आप लोगो ने भी कभी ना कभी सुना ही होगा।अब जब मेरी खुद की शादी को 15 साल पूरे हो चुके है तो सोचा उपरोक्त चुटकी की चुटकी ली जाए।

हमारी एक अरेंज्ड मैरिज हुई है परन्तु मै अपनी पत्नी से शादी से पहले भी मिलता रहा। वही चंद्रमुखी की तरह शांत और जिज्ञासु। हमारे लिए मोबाइल फोन उस समय विलासिता की वस्तु हुआ करता था। बहरहाल मै अपने ऑफिस से अपनी सहकर्मियों से अपनी ससुराल फोन कराता था ताकि किसी को शक ना हो। और जब उनसे मिलने जाया करता था उस दिन अधीरता की पराकाष्ठा होती थी

शादी के बाद प्यार और बढ़ा। बच्चे हुए। गृहस्थ का बोझ और बढ़ा। तब समझ में आया कि मै शादी शुदा हो चुका हूं। अब हमारी धरमपत्नी सूरजमुखी वाली अवस्था में आ चुकी थी छोटी छोटी बातो पर झगड़ना और मनाना। जैसे दो धाराओं के मिलन पर एक नई धारा का सृजन होता है वैसे ही हर रोज एक नया सासमंजस्य हम दोनों के बीच बढ़ता गया

मुझे लगता है हमारी सच्चाई और और सोच में 3 साल का फर्क रहता है

फिर ज्वालामुखी वाली परिस्थिति अनायास का झगड़ा, कभी तकरार कभी प्यार ।

जिंदगी कपड़े की तरह थोड़ी फट जाती है पर रफू कर के चलना बेहतर है बजाय एक नई जिंदगी शुरू करने से। कभी जब पत्नी गुस्से में हो तो आप शांत हो जाए। या जब आप गुस्से मै हो तब पत्नी शांत हो जाए। पर रात को सोने से पहले सारे झगड़े आपस में रिकंसाइल हो जाने चाहिए

तब अहसास किया की शादी होना दो विपरीत धाराओं का मिलन है। जैसे ठंडे पानी में उबला हुआ पानी डालने पर तरंगों का अहसास होता है या फिर साफ पानी में जब कपड़ों को रचमकाने के लिए नील डालने पर जो तरंगे उत्पन्न होती है, जिंदगी ऐसी ही तो है समझौता अपनी सोच का, अपने सपनों का।

एक सुखद अहसास जब आप अपने सपनों को त्याग देते है अपने जीवनसाथी के लिए। और आपका जीवन साथी बलि दे देता है अपने सपनों की आपके लिए।

तब आप सोचते है अपने सपनों के बारे में जो सपने है, और आप आपके सामने हकीक़त को ठुकरा नहीं सकते। क्योंकि हम उन सपनों के लिए जिए को कभी सच नहीं हुए और जो सच्चाई सामने है उसे हमने सपनों से तुलना की

अब चलते है तू दुखी मै दुखी वाली दहलीज पर एक ऐसी परिस्थिति जो सबसे भयावह समझी जाती है असल में ये बिल्कुल इसके विपरित हॉट है। आपको पहली बार अहसास होता है की आप दोनों एक दूसरे के लिए बने है। क्योंकि आप ही है जो आखिर दम में एक दूसरे से थोड़ा आगे पीछे, पर साथ रहेंगे।

यही वह घड़ी है जब आपको अहसास होता है जिस जिंदगी को आप ढूंढ रहे थे वो तो आपके साथ थी। तब आपको दुनिया की सब वस्तुएं बेमानी लगती है। और जीवनसाथी सर्वोपरि

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